
भारत में शराब, तंबाकू, गांजा और अन्य नशों की लत एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। परिवार टूट रहे हैं, रिश्ते बिगड़ रहे हैं और सेहत दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है। ऐसे में लोग घर बैठे किसी सुरक्षित और हर्बल नशा मुक्ति मेडिसिन का उपयोग करना चाहते हैं ताकि बिना किसी दुष्प्रभाव के धीरे-धीरे लत से छुटकारा मिल सके।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि नशा मुक्ति मेडिसिन कैसे लें, इसे लेने का सही तरीका, मात्रा, किन लोगों को यह नहीं लेनी चाहिए, और महत्वपूर्ण सावधानियाँ क्या हैं। यह लेख आपको एक संपूर्ण मार्गदर्शन देगा ताकि आप सही उपयोग से बेहतर परिणाम पा सकें।
नशा मुक्ति मेडिसिन क्या होती है?
नशा मुक्ति मेडिसिन वे दवाएँ या हर्बल फ़ॉर्मूले होते हैं जो शरीर में जमा हुए टॉक्सिन्स को बाहर निकालने, दिमाग को शांत करने, craving कम करने और धीरे-धीरे नशे की आदत को कमज़ोर करने के लिए बनाई जाती हैं।
इनका उद्देश्य मरीज को बिना झुंझलाहट, बिना withdrawal दर्द, और बिना side effects के नशे से दूर करना होता है।
अधिकतर नशा मुक्ति मेडिसिन में यह घटक पाए जाते हैं —
- अश्वगंधा
- ब्राह्मी
- गिलोय
- शंखपुष्पी
- त्रिफला
- विदंग
- कौंच बीज
- अर्जुन छाल
ये जड़ी-बूटियाँ शरीर को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाती हैं ताकि व्यक्ति खुद को नशे से मुक्त कर सके।
नशा मुक्ति मेडिसिन कैसे लें? (Step-by-Step Guide)
नशा मुक्ति मेडिसिन का सही उपयोग जानना बेहद ज़रूरी है। गलत तरीके से लेने पर प्रभाव कम हो सकता है।
नीचे हर प्रकार की मेडिसिन के उपयोग का सही तरीका दिया गया है:
1. नशा मुक्ति ड्रॉप कैसे लें?
बहुत से लोग ड्रॉप पसंद करते हैं क्योंकि इन्हें लेना आसान होता है और ये शरीर में जल्दी असर दिखाते हैं।
सही तरीका —
- 10–15 ड्रॉप एक गिलास पानी में मिलाएँ।
- दिन में दो बार लें:
- सुबह खाली पेट
- रात को खाने के बाद
- नियमित 60–90 दिन तक उपयोग करें।
ध्यान रखें:
- ड्रॉप को सीधा जीभ पर न डालें।
- पानी या जूस में मिलाकर ही दें।
- यदि पीड़ित व्यक्ति ड्रॉप लेने को तैयार नहीं है, तो इसे खाने में मिलाकर भी दिया जा सकता है (इससे असर कम नहीं होता)।
2. नशा मुक्ति पाउडर कैसे लें?
पाउडर का प्रभाव गहरा होता है क्योंकि यह पेट और नसों पर सीधा काम करता है।
सही तरीका —
- 1–2 चुटकी पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें।
- दिन में दो बार।
- खाना खाने के बाद लेने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
किसमें मिलाएँ?
- दलिया
- दही
- जूस
- दूध
यदि व्यक्ति इसके बारे में नहीं जानता, तब भी इसका असर बरकरार रहता है।
3. नशा मुक्ति कैप्सूल कैसे लें?
कैप्सूल उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो नियमित दवा आसानी से ले सकते हैं।
सही तरीका —
- 1 कैप्सूल सुबह
- 1 कैप्सूल शाम
- गुनगुने पानी के साथ लें
किसे नहीं देना चाहिए?
- गर्भवती महिलाएँ
- 14 वर्ष से छोटे बच्चे
- बहुत कमजोर मरीज बिना डॉक्टर सलाह के



नशा मुक्ति मेडिसिन की सही मात्रा (Dosage Chart)
| प्रकार | मात्रा | समय |
|---|---|---|
| नशा मुक्ति ड्रॉप | 10–15 ड्रॉप | सुबह + रात |
| नशा मुक्ति पाउडर | 1–2 चुटकी | दो बार भोजन के बाद |
| नशा मुक्ति कैप्सूल | 1–1 कैप्सूल | सुबह + शाम |
| नशा मुक्ति सिरप | 1–2 चम्मच | सुबह + रात |
(मात्रा उम्र, सेहत और नशे की गंभीरता के अनुसार थोड़ी बदली जा सकती है)
नशा मुक्ति मेडिसिन के प्रमुख फायदे
नियमित उपयोग से 4–6 हफ्तों में कुछ स्पष्ट परिवर्तन दिखने लगते हैं:
1. नशे की तलब (Craving) कम होती है
यह मेडिसिन मस्तिष्क को शांत कर craving को 40–60% तक कम कर देती है।
2. शरीर में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं
आयुर्वेदिक herbs रक्त को शुद्ध करती हैं और लिवर की सफाई करती हैं।
3. मानसिक शांति मिलती है
अश्वगंधा, ब्राह्मी और शंखपुष्पी मन को स्थिर बनाते हैं।
4. नींद में सुधार होता है
बहुत से नशे के मरीज नींद न आने से परेशान रहते हैं। मेडिसिन नींद सुधारती है।
5. गुस्सा और चिड़चिड़ापन कम होता है
हर्बल फॉर्मूला mood stabilizer की तरह काम करता है।
नशा मुक्ति मेडिसिन लेते समय सावधानियाँ
किसी भी दवा के साथ कुछ सावधानियाँ ज़रूरी होती हैं।
1. शुरू के 10–15 दिन शराब, तंबाकू और नशा थोड़ा कम करें
अचानक पूरी तरह छोड़ने पर चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
2. दवा कभी खाली पेट बहुत ज्यादा मात्रा में न लें
इससे हल्का सिरदर्द या कमजोरी महसूस हो सकती है।
3. रोजाना कम से कम 2–3 लीटर पानी पिएँ
टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद मिलती है।
4. मेडिसिन को अचानक बंद न करें
कम से कम 60–90 दिन का पूरा कोर्स ज़रूरी है।
5. यदि कोई बीमारी पहले से है
- हार्ट प्रॉब्लम
- डायबिटीज
- BP
- थायरॉइड
तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।



किसे नशा मुक्ति मेडिसिन नहीं लेनी चाहिए?
- गर्भवती महिलाएँ
- स्तनपान कराने वाली महिलाएँ
- 14 वर्ष से कम उम्र
- जिन्हें गंभीर किडनी या लिवर की बीमारी हो
- जिन्हें किसी हर्बल चीज़ से ऐलर्जी हो
ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।
नशा मुक्ति मेडिसिन के साथ अपनाएँ ये घरेलू उपाय
दवा के साथ हल्की-फुल्की दिनचर्या बदलने से परिणाम और तेज मिलते हैं।
1. ताज़ा फल और हरी सब्जियाँ अधिक खाएँ
इससे शरीर को विटामिन और खनिज मिलते हैं।
2. सुबह 15–20 मिनट टहलें
मस्तिष्क में खुशहाली वाले हार्मोन बढ़ते हैं।
3. कैफीन कम लें
क्योंकि यह दिमाग को उत्तेजित करके craving बढ़ा सकता है।
4. ध्यान और प्राणायाम
मन को स्थिर रखने में बहुत मदद मिलती है।
5. परिवार का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण है
शांति, प्यार और समझदारी से बेहतर रिज़ल्ट आते हैं।
नशा मुक्ति मेडिसिन लेना शुरू करने पर क्या महसूस होता है?
पहले 1–2 सप्ताह में आपको कुछ छोटे बदलाव महसूस हो सकते हैं:
- शरीर हल्का लगने लगेगा
- नशा करने की इच्छा कम होगी
- नींद बेहतर हो जाएगी
- गुस्सा और चिंता कम होगी
- मन शांत रहेगा
1 महीने बाद craving 40–60% तक कम हो जाती है।
2–3 महीने बाद व्यक्ति नशा छोड़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाता है।
सबसे सामान्य प्रश्न (FAQ)
1. क्या नशा मुक्ति मेडिसिन सुरक्षित होती है?
हाँ, यदि यह आयुर्वेदिक और हर्बल होती है तो सुरक्षित होती है और कोई बड़ा side effect नहीं दिखता।
2. क्या इसे बिना बताए भी दे सकते हैं?
कई हर्बल मेडिसिन ऐसी होती हैं जिन्हें खाने में मिलाकर दिया जा सकता है।
3. क्या दवा से नशा पूरी तरह छूट सकता है?
हाँ, नियमितता, सही मात्रा और परिवार का सपोर्ट हो तो पूरी तरह छुटकारा मिल सकता है।
4. क्या एक ही दवा सबके लिए काम करती है?
बहुत से हर्बल फॉर्मूले सार्वभौमिक होते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में डॉक्टर की सलाह अच्छी रहती है।
निष्कर्ष
नशा छुड़ाना एक दिन का काम नहीं है—लेकिन सही मेडिसिन, सही मात्रा और सही तरीके से लेने पर यह यात्रा आसान हो जाती है। हर्बल नशा मुक्ति मेडिसिन शरीर को नुकसान पहुँचाए बिना craving कम करती है, दिमाग शांत रखती है और धीरे-धीरे नशे की आदत पर नियंत्रण दिलाती है।
यदि आप किसी अपने को नशे से बचाना चाहते हैं, तो आज ही सही मार्ग अपनाएँ। नियमितता, धैर्य और सही दवा—ये तीन चीज़ें जीवन बदल सकती हैं।
